Dhun.. bahut pyaar karte hain.
द्रवित हैं हृदय आज, आँखें हैं नम
इस बिदा की बेला में, भारी है मन
द्रवित हैं हृदय आज, आँखें हैं नम..
खुशियाँ कदम चूमे, यही कामना है
सपने हो सारे पूरे शुभकामना है
छु ना पाए आपको कोई भी गम
द्रवित हैं हृदय आज, आँखें हैं नम
इस बिदा की बेला में, भारी है मन
द्रवित हैं हृदय आज, आँखें हैं नम..
गाॅंऊ क्या स्वर भी बिखर सा गया है
बहता प्रवाह जैसे ठहर सा गया है
बिना आपके सुना हुआ ये चमन
द्रवित हैं हृदय आज, आँखें हैं नम
इस बिदा की बेला में, भारी है मन
द्रवित हैं हृदय आज, आँखें हैं नम..
थकना नहीं पथ में झुकना नहीं है
मंजिल मिले ना जब तक रुकना नहीं है
हिम्मत से बढ़ता जाए हर एक कदम
द्रवित हैं हृदय आज, आँखें हैं नम
इस बिदा की बेला में, भारी है मन
द्रवित हैं हृदय आज, आँखें हैं नम..
जाकर भी आप सबके दिलों में रहेंगे
हर याद ता उम्र संजोग के रखेंगे
आपके समर्पण को शत-शत नमन
द्रवित हैं हृदय आज, आँखें हैं नम
इस बिदा की बेला में, भारी है मन
द्रवित हैं हृदय आज, आँखें हैं नम..

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