डगर है मुश्किल कठिन सफ़र है लिरिक्स: Dagar Hai mushkil kathin safar hai lyrics

डगर है मुश्किल कठिन सफ़र है

मगर मुसाफिर जगा नहीं है

जो सोएगा बस वही खोएगा

ये बात उसको पता नहीं है

डगर है मुश्किल कठिन सफ़र है

मगर मुसाफिर जगा नहीं है..


लगेंगे फल जब किसी वृक्ष पर

वो पेड़ झुक जाएंगे स्वतः ही

अकड़ तने की बता रही है 

अभी फल इसमें लगा नहीं है

डगर है मुश्किल कठिन सफ़र है

मगर मुसाफिर जगा नहीं है..


जो खानदानी रईस है वो

मिजाज रखते हैं नर्म अपना

तुम्हारा लहजा बता रहा है

तुम्हारी दौलत नई नई है

डगर है मुश्किल कठिन सफ़र है

मगर मुसाफिर जगा नहीं है..


ज़रा सा कुदरत ने क्या नवाज़ा 

के आके बैठे हो पहली शफ़ में 

अभी से उड़ने लगे हवा में

अभी ये शोहरत नई नई हैं

डगर है मुश्किल कठिन सफ़र है

मगर मुसाफिर जगा नहीं है....

LB MUSIC ENTERTAINMENT

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