कई लाखों तर गए हैं तेरा नाम जपते जपते लिरिक्स भजन: kai lakhao tar gaye hai tera naam japte japte lyrics

कई लाखों तर गए हैं

तेरा नाम जपते जपते..


ध्रुव ने तुम्हें उच्चारा

प्रह्लाद ने पुकारा

नारद तो तर गए हैं

गुणगान करते-करते

कई लाखों तर गए हैं

तेरा नाम जपते जपते..


बाली भी तर गया है

सुग्रीव भी तरा है

रावण तो तर गया है

संग्राम करते-करते

कई लाखों तर गए हैं

तेरा नाम जपते जपते..


गणिका भी तर गई है

शबरी भी तर गई है

अज़मील तो उतर गया था

सुत नाम लेते-लेते

कई लाखों तर गए हैं

तेरा नाम जपते जपते..


दृष्टि दया की फेरो 

हमको भी तो निहारो 

जन्मों से आ रहे हैं

तेरे द्वार आ गए हैं

तेरा नाम जपते जपते..

कई लाखों तर गए हैं

तेरा नाम जपते जपते..

LB MUSIC ENTERTAINMENT

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