मेरा गोपाल गिरधारी
जमाने से निराला है
रंगीला है रसीला है
ना गोरा है ना काला है..
कभी सपनों में आ जाना,
कभी रूपोश हो जाना
ये तरसाने का मोहन ने,
निकाला ढंग निराला है
मेरा गोपाल गिरधारी
जमाने से निराला है
रंगीला है रसीला है
ना गोरा है ना काला है..
मज़े से दिल में आ बैठो,
मेरे नैनों में बस जाओ
अरे गोपाल मंदिर ये
तुम्हारा देखा भाला है..
मेरा गोपाल गिरधारी
जमाने से निराला है
रंगीला है रसीला है
ना गोरा है ना काला है..
कभी वो रूठ जाता है
कभी वो मुस्कुराता है
इसी दर्शन की खातिर तो
बड़ी नाज़ो से पाला है
मेरा गोपाल गिरधारी
जमाने से निराला है
रंगीला है रसीला है
ना गोरा है ना काला है..

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