अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे
तो हम कैसे भाव से लगेंगे किनारे
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे..
हमारे लिए क्यों देरी किए हो
हमारे लिए क्यों देरी किए हो
गणिका अजामिल को पल में उबारे
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे..
पतितो को पावन है करते कृपा निधि
पतितो को पावन है करते कृपा निधि
किए पाप हैं इस सुयश के सहारे
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे..
माना अगम है अपावन कुटिल है
माना अगम है अपावन कुटिल है
सब कुछ है लेकिन है प्रभु हम तुम्हारे
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे..

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