मन में बसा के तेरी मूरति
उतारु मैं गिरधर तेरी आरती..
करुणा करो कष्ट हरो ज्ञान दो भगवन
भव में फसी नाव मेरी तार दो भगवन
दर्द की दवा तुम्हरे पास हैं..
ज़िन्दगी दया की हैं भीख माँगती
मन में बसा के तेरी मूरति
उतारु मैं गिरधर तेरी आरती..
मांगू तुझसे क्या मैं यही सोचूँ भगवन
ज़िन्दगी जब तेरे नाम कर दी हैं अर्पण
सब कुछ तेरा कुछ नहीं मेरा..
चिंता हैं तुझको प्रभु संसार की
मन में बसा के तेरी मूरति
उतारु मैं गिरधर तेरी आरती..
वेद तेरी महिमा गाये संत करे ध्यान
नारद गुणगान करें छेड़े वीणा तान
भक्त तेरे द्वार करते हैं पुकार
भक्त सभी गाए तेरी आरती
मन में बसा के तेरी मूरति
उतारु मैं गिरधर तेरी आरती..

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