राज़- ए -उल्फ़त छुपा के देख लिया ग़ज़ल लिरिक्स / Raaz ye Ulfat chupa ke dekh liya ghazal lyrics

राज़- ए -उल्फ़त छुपा के देख लिया 

दिल बहुत कुछ जला के देख लिया..


और क्या देखने का बाकी हैं 

आपसे दिल लगा के देख लिया 

दिल बहुत कुछ जला के देख लिया 

राज़- ए -उल्फ़त छुपा के देख लिया 

दिल बहुत कुछ जला के देख लिया..


वह मेरे होकर भी मेरे ना हुए

उनको अपना बना के देख लिया 

दिल बहुत कुछ जला के देख लिया 

राज़- ए -उल्फ़त छुपा के देख लिया 

दिल बहुत कुछ जला के देख लिया..


आज उनकी नज़र में कुछ हम ने

सब की नज़रे बचा के देख लिया 

दिल बहुत कुछ जला के देख लिया 

राज़- ए -उल्फ़त छुपा के देख लिया 

दिल बहुत कुछ जला के देख लिया..


फै़ज़ तकमील-ए-ग़म भी हो ना सकी 

इश्क़ को आज़मा के देख लिया 

दिल बहुत कुछ जला के देख लिया 

राज़- ए -उल्फ़त छुपा के देख लिया 

दिल बहुत कुछ जला के देख लिया..

LB MUSIC ENTERTAINMENT





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