तन्हा ना अपने आप को अब पाइये ज़नाब लिरिक्स ग़ज़ल / tanhaa naa apne aap ko ab paiye zanab lyrics

तन्हा ना अपने आप को अब पाइये ज़नाब

मेरी ग़ज़ल को साथ लिए जाइए ज़नाब..


नग़मो की बारिशों में कहीं भीगने चले

मौसम की आरजू को न ठुकराईए ज़नाब..


रिश्तो को भूल जाना तो आसान है मगर 

पहले ख़ुद अपने आप को समझाइए ज़नाब..


ऐसा ना हो थमें हुए आंसू छलक पड़े 

रुखसत के वक्त मुझको ना समझाइए ज़नाब..


मैं 'साज़' हूं ये याद रहे इसलिए कभी

 मेरे ही शेर मुझको सुना जाईये ज़नाब..

LB MUSIC ENTERTAINMENT

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