हे जग जननी हे अंबे माँ
कृपा कर दो जगदम्बे माँ..
अक्छत फूल चन्दन लाया हूं
प्रेम से मै थाल सजाया हूं
प्रेम से मै थाल सजाया हूं
हे दुर्गा दुर्गति नाशनी माँ
हे दुर्गा दुर्गति नाशनी माँ
दर्शन को तेरी आया हूँ
हे जग जननी हे अंबे माँ
कृपा कर दो जगदम्बे माँ..
सेवक घर खुशियाँ लाती हो
तुम ममता मई कहलाती हो
तुम ममता मई कहलाती हो
मधुकैटभ हारिणी हे मईया
मधुकैटभ हारिणी हे मईया
तुम जगत से पाप मिटाती हो
हे जग जननी हे अंबे माँ
कृपा कर दो जगदम्बे माँ..
दुष्टों का तुम शंहार करो
भक्तों का बेड़ा पार करो
भक्तों का बेड़ा पार करो
गिरिराज निवासिनी हे मईया
गिरिराज निवासिनी हे मईया
दया की नज़र हर बार करो
हे जग जननी हे अंबे माँ
कृपा कर दो जगदम्बे माँ..

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