जपे जा तू वन्दे सुबह और शाम
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम..
कलयुग में केवल यही नाम सांचा
मिला है किनारा जिसने है जांचा
पाया है उसने बैकुण्ठ धाम
श्री राम जय राम जय जय राम..
दो अक्षर में सब सुख समाया
जिसने उच्चारा परम सुख पाया
हुए हैं उसके हर बिगड़े काम
श्री राम जय राम जय जय राम..
अगर भाव तेरा है सबरी के जैसा
होगा अचानक चमत्कार ऐसा
ख़ुद चलकर आयेंगे प्रभु तेरे धाम
श्री राम जय राम जय जय राम..

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