लोग राहों में कांटे बिछाते रहे लिरिक्स: Log Raho Me Kante Bichate Rahe lyrics

लोग राहों में कांटे बिछाते रहे 

हम ख़ुदा कि कसम मुस्कुराते रहे.. 


हौंसले थे बुलन्द आंधियों के यहाँ 

पर मका पर मका हम बनाते रहे..


हमने उनको कभी भी ना रोने दिया 

वो सितम पर सितम हमपे ढाते रहे..


कोई सुनता नहीं हैं सुने ना सुने 

पर ग़ज़ल अपनी हम गुनगुनाते रहे..

LB MUSIC ENTERTAINMENT

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