जितना जिसके भाग्य में लिखा, हो ओ..
उतना ही पाता हैं....
मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है
शिव लहरी के दरबार में सबका खाता है..
चाहे अमीर हो चाहे गरीब हो
सब हैं एक समान
सबकी बिगड़ी वो ही बना दे
भूतों के सरदार....
मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है..
चेत सवर ले मानव तू तो हैं
दो दिन का मेहमान....
जैसा तेरा करम हैं भाई
जैसा तेरा करम हैं वैसा फल देगा भगवान
मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है....
भगवे में भगवान छुपा हैं
प्यारे तू पहचान....
ना जाने किस रूप में तुझको
ना जाने किस रूप में तुझको
मिल जाए भगवान..
मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है..

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