उस जालिम ने प्यार जता के
गम के हवाले छोड़ दिया
छोड़ दिया हो ओ छोड़ दिया
मेरी वफ़ा की कदर ना जानी
और मेरा दिल तोड़ दिया,
तोड़ दिया हो ओ तोड़ दिया..
उसने मेरा दिल ऐसे तोड़ा
कि जैसे शीशा तोड़ दिया
तोड़ दिया तन्हाई के इस मौसम में
मुझको तन्हा छोड़ दिया
छोड़ दिया हो ओ छोड़ दिया..
साखी तेरा प्यार है कैसा
है कैसी मजबूरी, मजबूरी
औरों को जी भर के पिला दी
मुझको प्यासा छोड़ दिया
छोड़ दिया हो ओ छोड़ दिया
जालिम ने प्यार जता के....

0 Comments