भीड़ आदमी का है आदमी अकेला है लिरिक्स : Bhid Aadmi Ka Hai Aadmi Akela Hai lyrics

भीड़ आदमी का है आदमी अकेला है

कौन किसका साथी है जाना तो अकेला है

भीड़ आदमी का है आदमी अकेला है....


माल पास जब तक है, हाथ सब मिलाएँगे

देखा हाथ खाली है, फिर नजर ना आएंगे 

झूठे रिश्ते नाते हैं व्यर्थ का झमेला है..

कौन किसका साथी है जाना तो अकेला है

भीड़ आदमी का है आदमी अकेला है....


आज का गुरु चेला, दोनों जटाधारी है 

जिसके पास धन जितना,उतना गुरु भारी है 

छत्र लगा चांदी का क्या विचित्र लीला है.. 

कौन किसका साथी है जाना तो अकेला है

भीड़ आदमी का है आदमी अकेला है....


मन पवित्र था मेरा जब जहां में आए थे 

धर्म कर्म कुछ ना था अपने ना पराए थे 

हम बेहोश हो गए होश जब सम्भाला हैं 

कौन किसका साथी है जाना तो अकेला है

भीड़ आदमी का है आदमी अकेला है....

LB MUSIC ENTERTAINMENT

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