हे गणपति गजानंद मेरे द्वारा तुम पधारो
बिगड़ी मेरी बनाके मेरा भाग्य तुम सवारों
हे गणपति गजानन मेरे द्वारा तुम पधारो..
शुभ लाभ के हो दाता तुम भाग्य के विधाता
मर्जी बिना तुम्हारे धन-धान्य कुछ ना आता
नईया फंसी भंवर में इस पार तुम उतारो
बिगड़ी मेरी बनाके मेरा भाग्य तुम सवारों
हे गणपति गजानन मेरे द्वारा तुम पधारो..
निर्बल को देते काया निर्धन पे करते छाया
देवों में अग्रिणी तुम जग तुझमें ही समाया
दे ज्ञान का तू दर्पण मुझको भी तो उबारो
बिगड़ी मेरी बनाके मेरा भाग्य तुम सवारों
हे गणपति गजानन मेरे द्वारा तुम पधारो..
जानू ना पाठ जब तक कैसे तुझे मनाऊं
तेरी महिमा गाके भगवान तुझको तो मैं रिझाऊं
रिद्धि सिद्धि संघ विनायक मेरी प्रार्थना स्वीकारो
बिगड़ी मेरी बनाके मेरा भाग्य तुम सवारों
हे गणपति गजानन मेरे द्वारा तुम पधारो..

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