काम दुनिया में सबसे निराला
मेरा भोला बड़ा भोला भाला..
उन पहाड़ों पे डेरा हैं डाला
मेरा भोला बड़ा भोला भाला...
कैलाश पर्वत पर आसन लगाया
गंगा जी को जटा में समाया
कैसी लीला रचाई डमरू वाला
मेरा भोला बड़ा भोला भाला....
सबके खातिर महल दु महला
राज पाठ राजधानी
धन दौलत और मॉल खज़ाना
और खुशिया मनमानी..
काम दुनिया में सबसे निराला
मेरा भोला बड़ा भोला भाला..
सबके खातिर इत्र अतर हैं
तेल फुलेल न्यारे
खुद मुंडन की माला पहने
बने भभूति वाले
गले हैं बीच नाग जिनके काला
मेरा भोला बड़ा भोला भाला..
सबके ख़ातिर छप्पन भोजन
सुन्दर स्वाद रसीले
ख़ुद के ख़ातिर भाँग धतूरा
मन हर रंग रंगीले
इनका मन हैं सबसे निराला
मेरा भोला बड़ा भोला भाला...

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