श्याम माखन चुराते चुराते
अब तो दिल भी चुराने लगे है
वो बहाना बनाते बनाते
अब दीवाना बनाने लगे है
श्याम माखन चुराते.....
देवकी के गर्भ से हो जाएंगे
माँ यशोदा के लाल कहाएंगे
ग्वाल वालो के संग में कन्हैया
अब तो गऊवे चराने लगे है
श्याम माखन चुराते.....
मोह ब्रह्मा का जिसने घटाया
मान इन्द्र का जिसने बढ़ाया
स्वयं बनकर पुजारी कन्हैया
अब गिरिवर पूजाने लगे है
श्याम माखन चुराते.....
श्याम ने ऐसे वंशी बजाई
तान सखियों के दिल में समाई
राधा रानी को लेकर कन्हैया
अब तो रास रचाने लगे है
श्याम माखन चुराते.....

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