कल भी मन अकेला था आज भी अकेला है ग़ज़ल लिरिक्स / Kal Bhi Man Akela Tha Aaj Bhi Akela Hai Ghazal Lyrics

कल भी मन अकेला था

आज भी अकेला है 

जाने मेरी किस्मत ने

क्या-क्या खेल खेला है 

कल भी मन अकेला था

आज भी अकेला है....


ढूंढते हो तुम खुशबू

कागजी गुलाबों में 

प्यार सबको मिलता है

आज कल किताबों में 

रिश्ते नाते झूठे सब

स्वार्थ का झमेला है 

कल भी मन अकेला था

आज भी अकेला है....


जिंदगी के मंडप में

हर खुशी कवारी है 

किससे से मांगने जाएँ

हर कोई भिखारी है 

कह कहो की आंखों में 

आंसुओं का रेला है 

कल भी मन अकेला था

आज भी अकेला है....

LB MUSIC ENTERTAINMENT

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