सुख का दाता सबका साथी शुभ का यह संदेश है मां की गोद पिता का आश्रम मेरा मध्य प्रदेश हैं.... विंध्याचल सा भाल नर्मदा का जल जिसके पास है यहां ज्ञान विज्ञान कला का लिखा गया इतिहास हैं उर्वर भूमि सदन व…
कंचन मृग बनकर आया सिय का अपहरण कराने माया का मारिच चला माया पति को भटकाने.... सीता बोली वो देखें स्वामी जी मृग कंचन का चर्म मारकर लाए यह होगा निशान इस वन का सिय माया की माया का मृग लगे राम मुस्काने …
राम श्रृष्टा भी है और श्रृष्टि भी हैं राम दृष्टा भी हैं और दृष्टि भी हैं राम दृष्टा भी हैं और दृष्टि भी हैं राम एकांत हैं राम महफ़िल भी हैं राम रस्ता भी है राम मंज़…
हरि सुंदर नंद मुकुंद, हरि नारायण हरि ओम् हरि केशव हरि गोविंद हरि नारायण हरि ओम् हरि सुंदर नंद मुकुंद.... बन्माली मुरली धारी,गोवर्धन गिरिवर धारी नित नित कर माखन चोरी,गोपी मन हारी आओ रे गाओ रे गोकुल …
उस जालिम ने प्यार जता के गम के हवाले छोड़ दिया छोड़ दिया हो ओ छोड़ दिया मेरी वफ़ा की कदर ना जानी और मेरा दिल तोड़ दिया, तोड़ दिया हो ओ तोड़ दिया.. उसने मेरा दिल ऐसे तोड़ा कि जैसे शीशा तोड़ दिया तोड…
आई गए रघुनंदन सजवा दो द्वारा द्वारा स्वर्ण कलश रखवा दो बधवा दो बंधन वार.... सजी नगरिया है सारी नाचे गावे नर नारी खुशियां मनाओ गाओ री मंगल चार स्वर्ण कलश रखवा दो बधवा बंधन व…
निर्बल के प्राण पुकार रहे जगदीश हरे जगदीश हरे श्वासों के स्वर झन्कार रहे जगदीश हरे जगदीश हरे.. आकाश हिमालय सागर में पृथ्वी पाताल चराचर में यह मधुर बोल गूंजार रहे जगदीश हरे जगदीश हरे.. जब दया दृष्टि ह…
जितना जिसके भाग्य में लिखा, हो ओ.. उतना ही पाता हैं.... मेरे भोले के दरबार में सबका खाता है शिव लहरी के दरबार में सबका खाता है.. चाहे अमीर हो चाहे गरीब हो सब हैं एक समान सबकी बिगड़ी वो ही बना दे …
राणा जी तेरे महलों में आग लगे मैं तो चली गोवर्धन राणा मैं तो चली वृन्दावन राणा मेरे सोए भाग जगे राणा जी तेरे महलों में आग लगे.... घास फुस की कुटिया बनाऊंगी सांवरिया को वा में मन्दिर बनाऊंगी वा …
लोग राहों में कांटे बिछाते रहे हम ख़ुदा कि कसम मुस्कुराते रहे.. हौंसले थे बुलन्द आंधियों के यहाँ पर मका पर मका हम बनाते रहे.. हमने उनको कभी भी ना रोने दिया वो सितम पर सितम हमपे ढाते रहे.. कोई सुन…
कोई कह दे सांवरिया से आया करें आया करे मन भाया करे कोई कह दे सांवरिया से आया करें.. आ ना सके तो सपनों में आके सपनों में आके सपनों में आके सावरी सूरतिया दिखाया करें कोई कह दे सांवरिया से आया करें.…
आएगा जब रे बुलावा हरी का छोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा नाम हरि का साथ जाएगा और तू कुछ ना ले पायेगा आएगा जब रे बुलावा हरी का.. राग द्वेष में हरि बिसरायो भूल के इनको जनम गवायो भूल के इनको जनम गवायो आएगा ज…
नटवर नागर नन्दा भजो रे मन गोविन्दा.. श्याम सुंदर मुख चंदा भजो रे मन गोविंदा.... तू ही नटवर तू ही ना..2 तू ही बाल मुकुंदा भजो रे मन गोविंदा.... सब देवन में कृष्ण जी बड़े हैं..2 ज्यों तारों विच …
कैसी प्रभु तूने कायनात बांधी एक दिन के पीछे एक रात बांधी कैसी प्रभु तूने कायनात बांधी..... जल के सीने में धरती बिठाई जैसे छाई हो दूध पे मलाई राग और राग में.... 2 कैसे रिश्तों तूने सौगात बांधी, स…
काक स्नानम् , बक ध्यानम् श्वान निद्रा तथैव च अल्पहारी, गृह त्यागी विद्यार्थी पंच लक्ष्णम् शब्दार्थ..............! काक स्नानम् , बक ध्यानम् कौवे की तरह स्नान, जो कम समय में हो सके.... बगुले क…
कर्म करो पर ध्यान रहे पथ छूटे ना इतनी देयों हवा गुब्बारा फूटे ना.... कर्म के गर्भ स्थल में रहता हिट अनहित अपना जग जाल विकट ग्रंथि है सच कहो कहो चाहे सपना सहज मय छूटे ना इतनी देयों हवा गुब्बारा फूट…
अरे रामा फहरे तिरंगा गगनवां हियाहुल साला ए हरि.... रंग हरिअर सफ़ेद केसरिया लखी-लखी ललचे नज़रिया रामा लखी-लखी ललचे नज़रिया रामा अरे रामा बिचवा में चक्र सुहाला हियाहुल साला ए हरि.... खड़ पहरू हिमालय …
ओ सावरे मेरे नैनन से दिल की गली विच आजा.. युग युग बीते वो सांवरिया चिठ्ठियां ना पाती नाही कोई खबरिया प्राण लबों पे आने से पहले..2 एक झलक दिखलाजा आजा ओ सावरे मेरे नैनन से..... जनमे जनम का मै हु प्…
सीता राम जी की प्यारी राजधानी लागे राजधानी लागे, मोहे मिठो मिठो सरयू जी रो पानी लागे.... धन्य कौशल्या धन्य कैकेई धन्य सुमित्रा मईया, धन्य सुमित्रा मईया धन्य भूप दशरथ जी के आंगन खेलत चारों भईया …
अपने ही धोखा देते हैं गैरों से शिकायत क्या करना.. श्री राम को वन में भिजवाए वो माता भी तो अपनी थी बेटे को दर-दर भड़काया गैरों से शिकायत क्या करना.. सुग्रीव की पत्नी हर करके बाली ने पाप कमाया था …
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